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| मेरा भारत स्वच्छ भारत
वैसे तो आपने भी देखा होगा की हमारे देश में अमूनन कोई भी अभियान ज्यादा समय तक नहीं चलता। सरकार अपना एक नया स्लोगन जनता के सामने रखती है और हमें भी लगता है की हाँ ये सरकार कुछ नया करेगी। ऐसा ही एक अभियान है स्वच्छता का अभियान। लेकिन अब स्वच्छ भारत का सपना कोई स्लोगन या नारा नहीं रहा बल्कि आज की मेरी आपकी और हम सब की जिंदगी का हिस्सा बन गया है।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत की स्वतंत्रता से पहले कहा था कि "स्वच्छता आजादी से अधिक महत्वपूर्ण है" वे भारत के में व्याप्त गन्दी से अच्छी तरह परिचित थे। उन्होंने भारत के लोगों को साफ-सफाई और स्वच्छता के बारे और इससे अपने दैनिक जीवन में शामिल करने के लिये बहुत जोर दिया। हालांकि लोगों की इसमें इतनी रुचि नहीं दिखी। भारत की आजादी के कई वर्षों के बाद, सफाई के प्रभावी अभियान के रूप में इसे आरम्भ किया गया है। मोदी जी का इस अभियान को पूरा करने का लक्ष्य इसी वर्ष का है।
हमारे देश को स्वच्छ बनाने के लिए भारत सरकार ने एक नई योजना निकाली है, जिसका नाम 'स्वच्छ भारत अभियान' रखा गया है। इस अभियान के तहत सभी देशवासियों को इसमें शामिल होने के लिए जोर शोर से कहा गया है।
यह अभियान आधिकारिक रूप से 1999 से चला रहा है पहले इसका नाम "ग्रामीण स्वच्छता अभियान" था, लेकिन 1 अप्रैल 2012 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस योजना में बदलाव करते हुए इस योजना का नाम "निर्मल भारत" अभियान रख दिया और बाद में सरकार ने इसका पुनर्गठन करते हुए इसका नाम पूर्ण स्वच्छता अभियान कर दिया था। स्वच्छ भारत अभियान के रूप में 24 सितंबर 2014 को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस को मंजूरी मिल गई।
स्वच्छ भारत अभियान का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने महात्मा गाँधी जी की 145 वीं जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2014 को किया। उन्होंने राजपथ पर जनसमूहों को संबोधित करते हुए राष्ट्रवादियों से स्वच्छ भारत अभियान में भाग लेने और इसे सफल बनाने को कहा। साफ-सफाई के संदर्भ में यह सबसे बड़ा अभियान है। क्योंकि गाँधी जी का सपना था कि हमारा देश भी विदेशों की तरह पूर्ण स्वस्थ और निर्मल दिखाई दे। इस बात को मध्य नजर रखते हुए प्रधानमंत्री जी ने उन्हीं के जन्मदिवस पर इस अभियान की शुरुआत दिल्ली के राजघाट से की थी।
देश की सफाई एकमात्र सफाई-कर्मियों की जिम्मेदारी नहीं है, क्या इस में नागरिकों की कोई भूमिका नहीं है, हमें इस मानसिकता को बदलना होगा।। (नरेंद्र मोदी)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए दिल्ली कि वाल्मीकि बस्ती में सड़कों पर झाड़ू लगाई थी। जिससे देश के लोगों में यह जागरुकता आए कि अगर हमारे देश का प्रधानमंत्री देश को स्वच्छ करने के लिए सड़क पर झाड़ू लगा सकता है, तो हमें भी अपने देश को स्वच्छ रखने के लिए अपने आसपास सफाई रखनी होगी।
इस अभियान को और भी प्रभावी बनाने के लिए, मोदी जी ने 9 लोगों को चुना जैसे मृदुला सिन्हा, सचिन तेंदुलकर, बाबा रामदेव, शशि थरूर, अनिल अम्बानी, कमल हसन, सलमान खान,प्रियंका चोपड़ा और तारक मेहता का उल्टा चश्मा की टीम जैसी नौ नामचीन हस्तियों को आमंत्रित किया कि वे भी स्वच्छ भारत अभियान में अपना सहयोग प्रदान करें। और उनसे निवेदन किया कि वे अपने आगे इस श्रृंखला में और 9 लोगों को जोड़ें और उन्हे स्वच्छता का ज्ञान दें और अपने आस-पास स्वच्छता को बढ़ावा दें। इस प्रकार इस श्रृंखला से प्रत्येक भारतीय को जोड़ने का इरादा था। हम काफी हद तक इस स्वच्छता अभियान में सफल हो चुके हैं। अब तक पूरे भारत में 98% शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। सिक्किम को पहले पूर्णतः खुले मे शौच मुक्त राज्य का खिताब प्राप्त है। इस योजना को पूरे भारत ने मिल कर पूरा किया है और यह बात फिर सच कर दिखाया कि पूरा भारत अगर एक जुट हो जाए, तो मुश्किल से मुश्किल काम भी पूरा कर सकते हैं।
इस अभियान का सबसे अच्छा हिस्सा यह है कि कोई भी क्षेत्र इसके प्रभाव से अछूत नहीं है और भारतीय फिल्म मनोरंजन उद्योग ने भी इस परियोजना को काफी गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। वास्तव में इस विषय पर एक सुपरहिट फिल्म "टॉयलेट:एक प्रेम कथा" भी बन चुकी है
स्वच्छता अभियान केवल सरकार द्वारा पूरा नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए समाज के हर नागरिक को आगे बढ़कर हिस्सा लेना चाहिए और इसके लिए आवश्यकता है देश के नागरिकों में एकता की और व्यक्तिगत तौर पर स्वच्छता को बढ़ाने की। यदि देश का हर व्यक्ति यह सोच ले कि चाहे वह जहां भी जाए उसे गंदगी नहीं फैलानी जैसे सार्वजनिक स्थानों, स्कूल, कॉलेज, पर्यटक स्थल जैसी जगहों कि सुरक्षा वह अपने घर की तरह करें।
मुझे पूरा विश्वाश है कि वह दिन दूर नहीं जब भारत की गिनती स्वच्छ देशों मे होने लगेगी। और कौन सा ऐसा भारतीय यह सम्मान नहीं पाना चाहेगा। देश के जिम्मेदार नागरिक बनें और देश को स्वच्छ बनाएं।
जय हिन्द
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एक कदम स्वच्छता की ओर
प्याज से यारी राजनीति पर भारी
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| प्याज़ से यारी राजनीति पर भारी
यूँ तो प्याज़ हर रसोई में पाया जाता है। क्योंकि इसके बिना आपकी थाली का जायका ख़राब हो जाता है लेकिन आजकल प्याज़ ने राजनितिक गलियारों का जायका बिगाड़ा हुआ है। वैसे तो हम बचपन से सुनते आये है। कि प्याज काटने पर रुलाती है लेकिन आजकल ये खरीदने पर भी रुला रही है। जी हाँ सही समझे! प्याज के दाम एक बार फिर आसमान छू रहे है। आम आदमी को प्याज रुला रहा है। लेकिन कुछ लोग है जो प्याज के बढ़ते दामों से खुश है जी हाँ वो है विपक्ष! जिनको बैठे बिठाये एक मुद्दा मिल गया। तो जंहा एक तरफ सरकार के लिए प्याज़ सर दर्द बना हुआ है वंही विपक्ष प्याज़ पर विपक्ष अपनी राजनीती चमकाने पर लगा है क्योंकि इतिहास गवाह है कि इसी प्याज ने भारत में कितनी बार सरकार गिराई और बनाई है।
केंद्र में जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी तो 1998 में प्याज़ की कीमतों ने फिर रुलाना शुरू कर दिया। अटल जी ने कहा भी कि जब कांग्रेस सत्ता में नहीं रहती तो प्याज परेशान करने लगता है। शायद उनका इशारा था कि कीमतों का बढ़ना राजनैतिक षड्यंत्र है। उस समय दिल्ली प्रदेश में भाजपा की सरकार थी और विधानसभा चुनाव सिर पर थे। तब प्याज के असर से बचने के लिए सरकार ने कई तरह की कोशिशें हुई थी।
दिल्ली में भी जब बीजेपी की सरकार थी और मुख्यमंत्री सुषमा स्वराज के समय में भी सरकार गिरने में प्याज ने अहम् रोल निभाया था। उसके बाद शीला दीक्षित की सरकार को भी इसी प्याज ने गिरया था। भ्रष्टाचार के साथ महंगाई का मुद्दा चुनाव में एक और बदलाव का साक्षी बना।
अब फिर प्याज की कीमतों में उछाल का सीजन है और देश के कई हिस्सों में चुनाव भी आने वाले है तो विपक्ष में बैठी कांग्रेस सरकार इस मुद्दे को आसानी से नहीं छोड़ेगी। क्योनी आने वाले दिनों में हरियाणा और महारष्ट्र में चुनाव होने वाले है इसको देखते हुए अब राजनितिक गलियारों में प्याज का मुद्दा जोर शोर से उठाना लाजिमी होगा।
जैसे की हम जानते है की महराष्ट्र प्याज का सबसे बड़ा उत्पादनकर्ता है। प्याज़ की एशिया में सबसे बड़ी मंडी लासलगांव यहीं है। पिछले दिनों इस मंडी में थोक प्याज का भाव 50 से 60 रुपये किलो था। महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक में भी प्याज काफी मात्रा में होता है, लेकिन वहां भी इस बार उत्पादन कम रहा। अन्य जगहों पर भी यही हाल है। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का कहना है कि हर साल अगस्त से लेकर अक्तूबर तक यही होता है। इस साल उत्पादन कम हुआ है। इससे मूल्यों में वृद्धि है।
तो ये देखना दिलचस्प होगा की प्याज और राजनीती की इस जुगल बंदी का हरियाणा और महारष्ट्र के चुनाव पर कोई नकाररत्मक असर पड़ता है या नहीं या मोदी सरकार इस मुद्दे का कोई और तोड़ निकालने में सफल हो जाती है। हम तो यही कहेंगे की "प्याज से यारी राजनीती पर भारी"
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नरेन्द्र मोदी -एक स्तंभ
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भारतीय राजनीति ही नही बल्कि विश्व पटल पर भी नरेन्द्र मोदी की ख्याति दिन पर दिन उभर रही हैं ओर ये भारतीय राजनीति में मील का पत्थर साबित होगा तो, ये कहना ग़लत नही की नरेन्द्र दामोदरदास मोदी भारत का का वह स्तंभ हैं जो कभी हटाया नही जा सकता.
प्रधानमंत्री बनने के बाद भी मोदी की आलोचना में कोई कमी नहीं आई लेकिन कुछ मुद्दे ऐसे भी हैं जिनमें आलोचक भी उनकी तारीफ़ करते हैं जैसे सार्क के द्वारा द्विपक्षीय वार्ता, WTO स्टैंड, बजट एक बड़ी उपलब्धि थी,स्वच्छ भारत अभियान,डिजिटल इंडिया जैसे कुछ मुद्दे हैं जिन पर मोदी का वर्तमान में भी अच्छा काम चल रहा हैं और जिनसे देश में सकारातमक परिवर्तन आ रहा हैं।
भारत के प्रधानमन्त्री बनने के बाद 2 अक्टूबर 2014 को नरेन्द्र मोदी ने देश में साफ-सफाई को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ भारत अभियान का शुभारम्भ किया। उसके बाद पिछले साढे चार वर्षों में मोदी सरकार ने कई ऐसी पहलें की जिनकी जनता के बीच खूब चर्चा रही। स्वच्छता भारत अभियान भी ऐसी ही पहलों में से एक हैं।
प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने 15 सितम्बर २०१८ को 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान आरम्भ किया और जन-मानस को इससे जुड़ने का आग्रह किया। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के 150 जयंती वर्ष के औपचारिक शुरुआत से पहले 15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम का बड़े पैमाने पर आयोजन किया जा रहा है।
भारतीय सशस्त्र बलों को आधुनिक बनाने एवं उनका विस्तार करने के लिये मोदी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने रक्षा पर खर्च को बढ़ा दिया है। सन २०१५ में रक्षा बजट ११% बढ़ा दिया । सितम्बर २०१५ में उनकी सरकार ने वन रैंक वन पेन्शन की बहुत लम्बे समय से की जा रही माँग को स्वीकार कर लिया।
मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर भारत के नागा विद्रोहियों के साथ शान्ति समझौता किया जिससे १९५० के दशक से चला आ रहा नागा समस्या का समाधान निकल सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्वच्छ भारत अभियान के लिए बिल गेट्स द्वारा ग्लोबल गोलकीपर्स अवॉर्ड (Global Goalkeeper Award) से नवाजा गया. स्वच्छता के लिए सम्मान मिलने पर प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए यह अवॉर्ड 130 करोड़ भारतीयों को समर्पित किया.
ऐसी ना जाने कितनी उपलब्धियां है, जो मोदी सरकार में हुई है...और ना जाने कितनी और होगी ये तो आने वाला समय ही बताएगा...speakbindas.blogspot.com
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भागो भागो शोर है आया- भारत की बेटी अब नहीं जलेगी
भारत की बेटी अब नहीं जलेगी भागो भागो शोर है आया धुएं का उड़ता गुबार लाया क्या किसी ने पटाखा जलाया या पराली का जहर है छाया ...


