| बस एक कदम ओर
देश का युवा रोजगार को लेकर हमेशा से ही भ्रमित रहा है। क्योंकि रोजगार की जब-जब बात आती है तो हमारी सुई बस एक ही जगह पर आकर अटक जाती है और वो है सरकारी नौकरी या मल्टीनेशनल कंपनी में एक अच्छी खासी नौकरी, सुबह नौ बजे जाओ और पांच बजे घर वापिस आ जाओ। लेकिन स्व: रोजगार का हमसे दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। क्योंकि हम बचपन से यही सुनते और पढ़ते आये है की पढाई करनी है और फिर सरकारी नौकरी करनी है। लेकिन इसी सोच ने हमारे अंदर कुछ नया करने की इच्छा शक्ति को दबा दिया या यूँ कहे पनपने ही नहीं दिया। जिसका असर अब पूरी तरह दिखाई पड़ रहा है।
एक तरफ बढ़ती जनसँख्या और घटती नौकरियों ने अर्थव्यस्था का पहिया मानो जाम कर रखा है। दूसरा हमारा अर्थतंत्र भी कमजोर हो रहा है। वंही अगर बात करे दुसरे देशो की तो वहां पर लोग स्वरोजगार पर ज्यादा निर्भर होना पसंद करते है। क्योंकि शायद उन देशो को हमसे पहले ये आभास हो चल था कि देश अगर सिर्फ सरकारी तंत्र का मोहताज़ रहा तो कभी विकसित नहीं हो पायेगा। चीन जैसा देश, जहाँ की आबादी हमसे भी ज्यादा है वो सबसे ज्यादा व्यापार पर ही निर्भर है।
लेकिन अब समय आ गया है जब हमें इस सोच से निकल कर आगे बढ़ने पर ध्यान देना होगा वरना कुछ ही सालो में देश पिछड़ जायेगा और यंहा के हालत बहुत ख़राब होंगे। अब हमें अपना ध्यान नौकरी से हटाकर व्यवसाय की तरफ खींचना होगा। जिसके लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उसके लिए कई तरह की योजनाए भी सरकार ने शुरू की है।
ऐसा लगता है मोदी सरकार को पहले ही इस बात का इल्म हो चला था की देश जब तक स्व: रोजगार की तरफ अग्रसर नहीं होगा तो हम कभी तरक्की नहीं कर पाएंगे। इसके लिए मोदी सरकार के पिछले पांच साल में कई सारी योजनाएं शुरू की गई। ऐसी कई सारी योजनाएं है, जिनको लेकर हमारा युवा बिलकुल भी सजग नहीं है।
१. मेक इन इंडिया-योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये नारा देश के अंदर जज्बा भरने के लिए दिया। जिसे 25 सितंबर 2014 को लॉन्च किया गया।आगे चलकर यह एक इंटरनेशनल मार्केटिंग का अभियान बन गया। मेक इन इंडिया की कोशिश है कि भारत एक आत्मनिर्भर देश बने। जो विश्व पटल पर भारत को विकसित देशों के बराबर लाकर खड़ा कर सके।
२. मुद्रा बैंक योजना -
प्रधानमंत्री ने इस योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को की.इसके तहत 5.71 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बांटा जा चुका है. इस योजना का लाभ तीन साल के दौरान 12.27 करोड़ लोगों को दिया जा चुका जिसमें 3.49 करोड़ लाभार्थियों ने नए कारोबार के लिए कर्ज लिया है. इसके तहत मुद्रा बैंक छोटे एंटरप्रेन्योर्स को 10 लाख रुपये तक का क्रेडिट देतीहै और माइक्रो फाइनेंस इंस्टिट्यूसंश के लिए रेगुलेटरी बॉडी की तरह काम करती है. इसमें तीन विकल्प हैं- शिशु में 50 हजार तक का लोन, किशोर में 50 हजार से 5 लाख तक का लोन और तरुण में 5 लाख से 10 लाख तक का लोन दिया जाता है.
३. प्रधानमंत्री विकास कौशल योजना
प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी शुरुआत 15 जुलाई 2015 को की थी। इस अवसर पर नरेंद्र मोदी ने कहा , 'अगर देश के लोगों की क्षमता को समुचित और बदलते समय की आवश्यकता के अनुसार कौशल का प्रशिक्षण देकर निखारा जाता है तो भारत के पास दुनिया को 4 से 5 करोड़ कार्यबल उपलब्ध करवाने की क्षमता होगी"।सरकार इसके तहत देश के इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग सेंटर्स को बढ़ावा देती है, ताकि युवाओं को निपुण बनाया जा सके।
४. स्टैंड उप योजना -
इसकी शुरुआत मोदी सरकार ने 5 अप्रैल 2016 को नोएडा के सेक्टर-62 में की गई. इस योजना के तहत प्रधानमंत्री ने एक वेब पोर्टल की शुरुआत की। इसका उद्देश्य नए उद्यमियों को स्थापित करने में मदद करना है। इससे देशभर में रोजगार बढ़ेगा. योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपये से 100 लाख रुपये तक की सीमा में स्टैंड अप इंडिया लोन योजना अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग, जनजातियों और महिला उद्यमियों के लिए भारत सरकार द्वारा एक नई पहल है।
५. स्टार्ट उप योजना-
स्टार्ट उप इंडिया की घोषणा मोदी सरकार ने १५ अगस्त २०१५ को लाल किले से की थी। जिसकी शुरुअल १६ जनवरी २०१६ को दिल्ली के विज्ञानं भवन से की गई थी। जिसका उद्देश्य भारत में उध्मीयता और रोजगार को बढ़ावा देना है। और इस योजना के तहत उधमियों को कैसे ऋण आसानी से मिल सके इसकी ये जोजना थी ताकि ज्यादा से ज्यादा स्व:रोजगार का सृजन हो सके। क्योंकि सरकार का मानना है की हमारा युवा बहुत ही होनहार है। जरुरत है उसको दिशा देने की जिसमे ये योजना उनको अपने उद्देश्य को पूरा करने में सहयोगी बनेगी।
५. उड़ान प्रोजेक्ट योजना
जम्मू एवं कश्मीर में 'उड़ान' योजना की शुरुआत विशेष उद्योग पहल के तहत 40,000 युवाओं को पांच साल में प्रमुख उच्च विकास क्षेत्रों में कौशल प्रदान करने और उनमें रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद (एनएसडीसी) और निगमित क्षेत्र द्वारा इस योजना का क्रियान्वयन पीपीपी मोड में किया जा रहा है.
मेरे विचार में ये सही समय है अपने हुनर और काबिलियत के दम पर आगे बढ़ने के लिए, अब हमें ये समझना होगा की सिर्फ नौकरी ही देश की समस्याओ का समाधान नहीं है बल्कि छोटे व्यवसाय भी देश की दिशा और दशा को बदलने का मादा रखते है। इसीलिए सरकार को भी चाहिए कि इन योजनाओ को सही से लागू कराये और नौजवानो तक पहुंचा कर ही इसको सफल बनाया जा सकता है। क्योंकि देश का अधिकांश युवा अभी भी इन योजनाओ से बेखबर है। speakbindas.blogspot.com
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बढ़ेगा रोजगार बढेगा भारत - बस एक कदम ओर...
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